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पुरी में पुलिस अधिकारी ने कोरोना कानून को तोड़ा, श्री मंदिर में सपत्निक किया दर्शन

  •  थाना में मामला दर्ज, 24 घंटे में कानून तोड़ने की दूसरी  घटना

  • पहली घटना को जिलाधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया

  • पत्रकार की शिकायत के बाद भी चुप्पी साधी

विष्णु दत्त दास, पुरी
पुरी में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोरोना के नियम तोड़ने का दूसरा मामला प्रकाश में आया है. बताया जाता है कि दूसरी घटना में जाजपुर जिले के बड़चना के आईआईसी प्रभारी ने कोरोना को लेकर जारी नियम की धज्जियां उड़ाते हुए श्री मंदिर में अपनी पत्नी के साथ जाकर महाप्रभु के दर्शन किए. उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के विस्तार को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सभी धार्मिक स्थलों पर भक्तों के दर्शन के लिए रोक लगा दी है. इसके बावजूद आज दक्षिण द्वार से श्री मंदिर परिसर में प्रवेश किए और महाप्रभु श्री जगन्नाथ के दर्शन किए.

यह बात पूरी शहर में बड़ी तेजी से फैली और देखने के लिए स्थानीय लोग वहां पहुंच गए. इस घटना की शिकायत सिंहद्वार थाने में की गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. आम लोगों के निकलने पर रोक है तो पुलिस अधिकारी परिवार के साथ कैसे घूम रहे हैं, यह सवाल लोगों ने उठाया है कहा जा रहा है कि क्या यह नियम पुलिस प्रशासन को नहीं पालन करना चाहिए. पहली घटना में पत्रकार की शिकायत जिलाधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया और चुप्पी साध ली.

परिवार के चार सदस्यों के साथ घूमने पहुँचे आईसी

जाजपुर जिला से बड़चना थाना प्रभारी निरीक्षक प्रभारी दीपक जेना अपने परिवार के साथ कुल 4 सदस्य श्री मंदिर के दक्षिण दरवाजे से आज शाम प्रवेश किए. उनके साथ में श्यामा पूजा पंडा नामक एक सेवात भी थे. श्री मंदिर पुलिस की तरफ से ड्यूटी पर तैनात विजय कुमार गोछायत, बापी पुष्पालक ने इस अधिकारी का विरोध किया, लेकिन अन्य पुलिस बल सहयोग के वजह से आसानी से श्री मंदिर में प्रवेश करके भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन करते हुए कुल 4 सदस्य बाहर निकले।
श्री मंदिर के पंडा, पुजारी, आम जनता दक्षिण दरवाजे पर इकट्ठा होकर नारेबाजी के साथ हल्ला मचाया कि तुरंत बाहर निकलो.

पुरी में प्रवेश निषेध है, नाका भी तोड़ा

पुरी जिला में प्रवेश करने के लिए किसी भी व्यक्ति को अनुमति नहीं है. अब पुरी का प्रवेश द्वार को
पुलिस सील करने के साथ आठनाला व अन्य रास्ता पर नाकाबंदी करते हुए गाड़ी का नंबर लिखने के बाद जांच के दौरान अगर प्रवेश योग्य है तो छोड़ा जाता है, नहीं तो वापस कर दिया जाता है, लेकिन यह थाना प्रभारी की गाड़ी कैसे अंदर में आयी, इसको लेकर अभी शंका पैदा हो रहा है.

सिर्फ नीति की अनुमति है

गौरतलब है श्री मंदिर कोरोना के चलते मार्च महीने से लाकडाउन शुरू होते ही मंदिर को बंद कर दिया गया है। सिर्फ नीति संपन्न के लिए दो सेवायतों को जाने की अनुमति है. किसी भी बाहर के श्रद्धालु या स्थानीय श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं है. कड़े रूप से पहरेदारी कर रहे पुलिस किसी को जाने नहीं देते. हाथ में बंदूक लाठी होने के बावजूद सभी सुरक्षा घेरा को पार करते हुए कैसे यह थाना अधिकारी गये, यह अब सवालिया निशान पैदा हो रहा है.
अंतिम समाचार मिलने तक इस घटना के बारे में सिंहद्वार थाना में पुलिस की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है, लेकिन थाना अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. सरकारी तौर पर उनके वाहन को भी अभी तक जप्त नहीं किया गया है. सरकारी वाहन का व्यवहार करते हुए पुलिस अधिकारी ने अपने परिवार को लेकर जिला पार करते हुए आज दर्शन करने का साहस किया, इस पर चर्चा हो रही है।

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