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पंचायतों के अधिकारों को संकुचित कर रही है राज्य सरकार – भाजपा

  • समस्तपंचायतों से 10- 10 लाख रुपये की राशि लेकर 680 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की बना रही है योजना

भुवनेश्वर.पंचायतीराज व्यवस्था का उद्देश्य शासन का विकेन्द्रिकरण है, लेकिन राज्य सरकार पंचायतों के अधिकारों को छिनने का प्रयास कर रही है. गांव की बात को गांव से नहीं, बल्कि सचिवालय से नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समीर मोहंती ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही. उन्होंने कहा कि आफिसर राज चलाने के लिए राज्य सरकार पंचायत के जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर रही है.  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पांच मार्च को बीजू पटनायक जयंती को पंचायतीराज दिवस के रुप में मना रही है, लेकिन   वहीं राज्य सरकार पंचायतों को पंगु बना रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार समस्त पंचायतों को जनसंख्या के हिसाब से 40 लाख से एक करोड़ रुपये की राशि सीधे दे   रही है. इसको खर्च करने का अधिकार पंचायतों को है, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि राज्य सरकार पंचाय़तों को इस राशि को खर्च करने नहीं दे रही है. इस राशि को पंचायत के जरिये खर्च न कर अन्य माध्यम से खर्च कराया जा रहा है.  उन्होंने बताया कि 19 फरवरी को राज्य सरकार के पंचायतीराय विभाग की ओर से प्रखंड विकास अधिकारियों को एक निर्देश दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि वित्त आयोग के आधार पर पंचायतों को मिलने वाली राशि  में से 10 लाख रुपये वे ग्रामीण पानीय जल आपूर्ति विभाग को देने के लिए बाध्य हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा कर राज्य सरकार समस्त पंचायतों से 10- 10 लाख रुपये की राशि लेकर 680 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की योजना बना रही है. उन्होंने कहा कि पंचायतों की  अपने यहां इस राशि से काम करना चाहिए. इस पत्रकार सम्मेलन में पार्टी के प्रवक्ता गोलक महापात्र व पार्टी के प्रदेश सचिव डा लेखाश्री सामंत सिंहार उपस्थित थीं.

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