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उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, कटक शाखा के चुनाव ने तूल पकड़ा

  • नियमों की अनदेखी पर शाखा की वैधता होगी रद्द – अशोक जालान

  • कहा-एफिलीएटेड मेंबर को मतदान के अधिकार को लेकर जारी हो सकती है कारण बताओ नोटिस

  • नियमतः सिर्फ 248 लोग ही उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन कटक शाखा के हैं सदस्य

  • अन्य हैं एफिलीएटेड मेंबर को नहीं मिलेगा मतदान का अधिकार

साभार शैलेश कुमार वर्मा, कटक

मतदान के अधिकार को लेकर संवैधानिक दांवपेंच के कारण उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, कटक शाखा का चुनाव तूल पकड़ते जा रहा है. प्रांतीय अध्यक्ष अशोक जालान ने कहा है कि यदि सम्मेलन के नियमों की अनदेखी होगी तो इसे बर्दास्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी पर कारण बताओ नोटिस जारी करने से लेकर कटक शाखा की वैधता रद्द करने तक के कदम उठाये जा सकते हैं. जालान ने बताया कि अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन की इकाई उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन है और इसकी राज्य में शाखाएं हैं. सम्मेलन में एकल सदस्यता का प्रावधान है. इस प्रावधान के तहत सदस्य बनने वाला व्यक्ति ही मतदान का अधिकारी होता है और आवश्यक मापदंडों को पूरा करके चुनाव भी लड़ सकता है. चुनाव लड़ने के लिए कम से कम दो साल तक सदस्य रहना अनिवार्य है, लेकिन मतदान करने के लिए सिर्फ सदस्य होना ही काफी है. उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन कटक शाखा में ऐसे सदस्यों की संख्या 248 है. इनमें सिर्फ 20 लोग ही चुनाव लड़ने के लिए योग्य हैं, क्योंकि इनकी सदस्यता दो साल पुरानी हो चुकी है. जहां तक मतदान की बात है, वहां सिर्फ 248 लोग ही मतदान कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इससे अधिक यदि मतदान करने वालों की संख्या होगी तो कारण बताओ नोटिस जारी की जायेगी और उपयुक्त जवाब नहीं मिलेगा तो शाखा की बैधता रद्द कर दी जायेगी. पूरे राज्य की शाखाओं में एक नियम के तहत चुनाव कराये जाते हैं. उन्होंने कहा कि इस शाखा में दस रुपये सदस्यता शुल्क नहीं है. यहां पांच हजार रुपये सदस्यता शुल्क है. कई बार हम लोगों ने कटक में सदस्यों की संख्या बढ़ाने को कहा, लेकिन कभी ध्यान नहीं दिया गया. अब सुनने में आ रहा है कि इस शाखा में सात हजार से अधिक सदस्य हो चुके हैं, जबकि इसकी जानकारी न तो उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की राज्य इकाई के पदाधिकारियों को दी गई और न ही केंद्रीय टीम को दी गई है, क्योंकि यहां एकल सदस्यता की परंपरा है. एक यदि कोई व्यक्ति कटक शाखा का भी सदस्यता ग्रहण करता है तो वह स्वतः राज्य इकाई और केंद्रीय इकाई का भी सदस्य बन जाता है. उत्कल प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को यह पता नहीं कि कटक शाखा में सात हजार से अधिक सदस्य हैं. हो सकता है कि इन्होंने एफिलीएटेड सदस्यता दी हो, जिसका वैधता इस संस्था में नहीं है. यह ना तो मतदान कर सकते हैं और ना ही कभी चुनाव लड़ने की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि इनकी सदस्यता वैध नहीं है.

सभी सदस्य कर सकते हैं मतदान- सुरेश कमानी# सूर्यकांत सांगानेरिया भी मतदान के अधिकार के पक्ष में
उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन कटक शाखा के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश कमानी तथा पूर्व अध्यक्ष सूर्यकांत सांगानेरिया ने कहा कि चुनाव लड़ने के मापदंडों पर सिर्फ 20 सदस्य ही खरा उतर रहे हैं, लेकिन मतदान करने का अधिकार सभी सदस्यों को प्राप्त होगा.

सुरेश कमानी ने कहा कि इससे पहले चुनाव में भी ये सदस्य मतदान कर चुके हैं. इसमें कोई संवैधानिक रोक नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि एकल सदस्यता प्रावधान के तहत 248 सदस्य कटक शाखा में हैं, जिसमें सिर्फ 20 सदस्यों की सदस्यता दो साल पुरानी हुई है. इसलिए चुनाव लड़ने के मापदंड यही पूरा करते हैं, अन्य लोग मतदान कर सकते हैं. उनसे जब यह पूछा गया कि क्या 10 रुपये शुल्क से एफिलीएटेड मेंबर बने लोग भी मतदान करेंगे, तो उन्होंने कहा कि हां, इनको भी मतदान का अधिकार प्राप्त होगा.  इधर, सूर्यकांत सांगानेरिया ने कहा कि उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के संविधान में मतदान को लेकर को मापदंड तय नहीं किया गया है, इसलिए नये सदस्य भी मतदान कर सकते हैं.

सबको मतदान का अधिकार मिलना चाहिए – किशन मोदी

कटक मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष किशन मोदी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कटक शाखा का सदस्य है तो उसे मतदान करने और नियमों को पालन करते हुए चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त होना चाहिए. इसमें किसी प्रकार की रोक उचित नहीं है.


नियमों के तहत मिले मतदान का अधिकार – विजय खंडेलवाल

कटक मारवाड़ी समाज के पूर्व अध्यक्ष विजय खंडेलवाल ने कहा कि उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन कटक शाखा के नियमों के अनुसार सभी सदस्यों को मतदान करने का और चुनाव लड़ने का अधिकार प्रदान किया जाना चाहिए.


राजनीति और नियमों के उल्लंघन पर हो कड़ी कार्रवाई – सज्जन मोदी
उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन कटक शाखा के वरिष्ठ सदस्य सज्जन मोदी ने कहा कि कटक शाखा के सत्र 2020/22 का चुनाव में जिस तरह से नए नियमों का हवाला देकर कहा जा रहा है कि केवल अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के ही सदस्य चुनाव में भाग ले सकते हैं, मैं इस नियम का पुरजोर विरोध करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष से जानना चाहता हूं कि क्या आप ने ऐसा कोई भी नियम बनाया है तो हमें बताएं कि ऐसा नियम कब बनाया.
प्रांतीय एवं राष्ट्रीय नेतृत्व से निवेदन है कि इस तरह की राजनीति जो भी कर रहे हैं और अगर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग करता हूं. विगत कल जो भी चुनाव कार्यालय में हुआ उसकी मैं घोर निन्दा करता हूं.


पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई – शांतिलाल लोढ़ा
उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन कटक शाखा के वरिष्ठ सदस्य शांतिलाल लोढ़ा ने कहा कि आज कुछ वाट्सएप मैसेज से मालूम हुआ कि उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के स्थानीय चुनाव में नामांकन के लिए कुछ शर्तें रखी गयी हैं. यह आम सदस्यों के साथ धोखा है और संस्था में सदस्यों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. यदि यह नियम है कि स्थानीय अध्यक्ष पद के लिए अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन का सदस्य होना जरूरी है, तब आम सदस्यों को सदस्य क्यों नहीं बनाया गया और इसकी जानकारी कभी क्यों नहीं दी गई. यानि एक साजिश के तहत चंद लोगों के अधिकार को स्थापित करने के लिए यह नियम बनाया गया है, जिसका सभी सदस्यों का विरोध करने का अधिकार है. दुःख का विषय यह है कि समाज के मुख्य व्यक्ति भी मौन हैं, जो अधिक चिंता का विषय है. यानि संस्थाओं को प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी बनाने की कोशिश चल रही है.


चुनाव को रद्द कर पुनः संस्था का एक संविधान बनाया जाए- गिरीश अग्रवाल
उत्कल प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन कटक शाखा के सक्रिय सदस्य गिरीश अग्रवाल ने कहा कि इससे पहले के चुनाव में यह नियम क्यों नहीं लगाया गया. यह संस्था अब पूरी तरह से राजनीति पर उतर आई है और संस्था को अपना घर जैसा बना रखा है. दिन प्रतिदिन यह संस्था बदनाम होते जा रही है. इस संस्था में गंदी राजनीति शुरू हो गई है. मैं प्रांतीय अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि बिना एजीएम के यह नियम कब और कैसे लागू हो गया. अगर यह लागू हुआ तो आम सभा क्यों नहीं की गई. अब क्यों इस नियम को रखा गया, इससे साफ झलक रहा है कि कुछ लोग इसमें अपने पद की लोलुपता के लिए राजनीतिकरण पर उतर गए हैं, जो संस्था के लिए ठीक नहीं है. चुनाव को रद्द कर पुनः संस्था का एक संविधान बनाया जाए और उस संविधान के अंतर्गत चुनावी प्रक्रिया को लागू किया जाए.


नियमों का पालन होगा- चुनाव अधिकारी

फाइल फोटो

चुनाव अधिकारी सुभाष केड़िया, पुरुषोत्तम अग्रवाल एवं विजय अग्रवाल ने बताया कि अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन का जो नियम है, उस नियम का पालन करते हुए चुनाव निष्पक्ष कराया जाएगा और नियम का पालन पूरा किया जाएग. कोई व्यक्ति अदालत का दरवाजा खटखटाये या कुछ भी करे, जो नियम है उस नियम का पालन चुनाव अधिकारी पूरा करेंगे. आज अंतिम दिन कोई भी सदस्य ने नामांकन पत्र नहीं लिया. तीन दिनों में सिर्फ रामकृष्ण शर्मा एवं सुरेश कमानी ने ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र लिया है.

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