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कीटनाशक, यूरिया एवं रासायनिक खाद के बेतहाशा उपयोग से बंजर हो रही भूमि : राजू बिष्ट

नक्सलबाड़ी। जिले में जैविक कृषि के अधिकाधिक उपयोग एवं किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को नक्सलबाड़ी के कम्युनिटी हॉल में क्षेत्रीय जैविक खेती केंद्र, भुवनेश्वर एवं सूर्या फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में कृषि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जैविक कृषि सम्मेलन में मुख्य अतिथि दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट के अलावे क्षेत्रीय जैविक खेती केन्द्र के निदेशक डॉ अरुण सिंह राजपूत, भारती किसान संघ के भानु थापा, सरोज कुमार क्षेत्री, ललित अग्रवाल, वेध कर्मकार, दिलीप बारोई, कामेश्वर दलाई, रवि गुप्ता, गोपाल सिंह, गौतम नायक, संजीव तिवारी, मंटू ठाकुर सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी, चोपड़ा, फांसीदेवा के 600 से अधिक किसानों की भी सहभागिता रही। कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय जैविक खेती केन्द्र, भुवनेश्वर एवं सामाजिक संस्था सूर्या फाउण्डेशन ने किया।

कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यत: कृषि विज्ञान केन्द्र-दार्जिलिंग, कृषि विज्ञान केन्द्र-उत्तर दिनाजपुर सहित स्वयं सहायता समूह द्वारा भी अपने ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही किसानों को संलग्न विषय जैसे गोपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन आदि कई विषयों पर भी जागरूक किया गया। क्षेत्र में जैविक कृषि को प्रोत्साहन देने हेतु कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र सांसद श्री राजू बिष्ट ने क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर युवा सांसद राजू बिष्ट ने किसानों की समृद्धि हेतु जैविक कृषि पर जोर देते हुए कहा कि भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। परंतु कृषि में अधिक लागत इसमें सबसे बड़ी बाधा है। कीटनाशक, यूरिया एवं रासायनिक खाद के बेतहाशा उपयोग से भूमि बंजर हो रही है एवं उत्पादकता घट रही है। इससे बचने के लिए गो-आधारित जैविक कृषि एकमात्र सरल उपाय है। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता क्षेत्रीय जैविक खेती केन्द्र के निदेशक डॉ अरुण सिंह राजपूत ने जैविक कृषि के महत्त्व , इस पर हुए अनुसंधान, जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में जैविक कृषि के योगदान, किसानों द्वारा जैविक कृषि से आय वृद्धि आदि कई विषयों पर मागदर्शन दिया। इस अवसर पर कोलकाता के समाजसेवी ललित अग्रवाल ने गो-आधारित कृषि के साथ-साथ गो-उत्पादों की भी जानकारी दी। एनआईएफ इंडिया के इनोवेशन एसोसिएट पिंटू हाटी ने खेती में आधुनिक पद्धतियों से होने वाले लाभ के विषय में बताया। डॉ अंजली शर्मा ने पौष्टिक कीचन गार्डन के विषय में अपने अनुभव सबके सामने रखे। सरोज छेत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड के विषय में मार्गदर्शन किया।

अरुण कुमार ने एकीकृत कृषि प्रणाली के विषय में तथा भारतीय किसान संघ के भानू छेत्री ने जैविक खेती के बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। डॉ एडब्ल्यू मुक्तान ने मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण तथा संजीव ने मत्स्य-पालन के विषय में किसानों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर कुछ प्रगतिशील किसानों ने भी अपनी सफलता की कहानी सबके सामने रखी।

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