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शायद इसे ही कहते हैं मर कर अमर होना…!

  • सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है वीरांगना की सालगिरह पर ली गई सेल्फी

  • विश्व की हो सकती है सबसे अनोखी तस्वीर

हेमन्त कुमार तिवारी, भुवनेश्वर
अक्सर हमने सुना है कि जवान कभी मरता नहीं. वह शहीद होकर अमर हो जाता है. और अमर वही होता जो कभी मरता नहीं. जी हां! कुछ ऐसा ही यहां दिख रहा है. थोड़ा शांत दिमाग और चित स्थिर करके इस तस्वीर को निहारिए. यह तस्वीर एक अमर प्रेम की गाथा बयां कर रही है. यह वीरांगना अपनी शादी की सालगिरह पर अपने अमर प्रेम की प्रतिमा के साथ सेल्फी ले रही है. न आंखों में आंसू और न दिल में कोई रिक्त स्थान. कभी भी न मरना अमर प्रेम उसके दिलों में आज भी जिंदा है. सालगिरह पर न गुलाब का गुलदस्ता, न पार्टी, न घर में भीड़. गजब सी दिल में होगी अनुभूति, क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं. तन्हाइयों और यादों के गुलस्ते बीच वीरांगना की यह सेल्फी, वीरता लाजवाब है. इस भारतीय नारी ने यह साबित कर दिया कि यूं ही महिलाओं को शक्ति का प्रतीक नहीं माना जाता है. सालगिरह मनाने वाली यह तस्वीर भले ही हमारे दिल को पसीजा रही हो, लेकिन है विश्व की अनोखी तस्वीर. सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें शहीद कर्नल एमएन राय (मुनीन्द्रनाथ राय) की पत्नी प्रियंका राय अपनी शादी की सालगिरह पर पति की प्रतिमा के साथ सेल्फी लेती नजर आ रही हैं. कैमरे में कैद इस भावुक क्षणों की इस तस्वीर को यूजर्स काफी शेयर कर रहे हैं. युद्ध सेवा पदक से नवाजे जाने के एक ही दिन बाद जम्मू कश्मीर के त्राल में 27 जनवरी 2015 को आतंकियों से लड़ते हुए कर्नल एमएन राय शहीद हो गए थे. शहीद कर्नल एमएन राय को शहादत से एक दिन पहले ही गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले कर्नल एमएन राय नौ गोरखा राइफल्स में कार्यरत थे, लेकिन फिलहाल 42 राष्ट्रीय राइफल्स में प्रतिनियुक्ति पर थे. उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है. सेना के अफसर फ्रंट ऑपरेशन में नेतृत्व और चरमपंथ प्रभावित इलाके में युवाओं तक पहुंच के लिए कमांडिंग ऑफिसर राय की सराहना करते नहीं थकते हैं. कर्नल एमएम राय का शव जब दिल्ली लाया गया तो उनकी पत्नी प्रियंका, बेटी समेत लोहे जैसा दिल रखने वाले सैनिक भी फूट-फूटकर रोए थे. शहीद की विदाई की सबसे भावुक तस्वीर तब देखने को मिली जब उनकी बेटी अल्का ने बहादुरी की मिशाल कायम करते हुए न सिर्फ पिता को नम आंखों से सैल्यूट करके सलामी दी, बल्कि गोरखा राइफल्स के युद्ध घोष (वॉर क्राइ) को भी दोहराया था. इस बेहद भावुक पल को देखकर अंत्येष्टि स्थल पर लोग रो दिए थे. लेकिन इससे भी ज्यादा भावुक पल इस तस्वीर में कैद है, जब वीरांगना अपना सालगिरह मना रही है.
साभार-आईपीजेए/सोशल मीडिया

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