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ओडिशा में हाईकोर्ट ने हरे पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी

कटक. राज्य के उच्च न्यायालय ने आज आगामी दिवाली त्योहार के दौरान केवल पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा अनुमोदित हरे पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दे दी. कोर्ट ने रात 8 बजे से रात 10 बजे तक सिर्फ ग्रीन पटाखे फोड़ने की इजाजत दी है.
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (29 अक्टूबर) को सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि पटाखों में बेरियम साल्ट के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के अपने निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, क्योंकि इसने इस बात पर जोर दिया कि पटाखों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है.
इससे पहले उसी दिन शुक्रवार को राज्य के उच्च न्यायालय ने विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) को सुप्रीम कोर्ट, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों और सरकार द्वारा कोविद-19 की रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशको ध्यान में रखते हुए हरे पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति देने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था.
उच्च न्यायालय ने एसआरसी को निर्देश दिया था कि वह सोमवार को सुबह 10 बजे तक अपना फैसला अदालत को सौंपे, ताकि वह इस मामले पर दोपहर दो बजे अपना फैसला सुना सके.
अदालत ने ऑल ओडिशा फायरवर्क्स डीलर्स एसोसिएशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश जारी किया था, जिसमें राज्य सरकार द्वारा पटाखों की बिक्री और उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध में ढील देने और दिवाली से पहले केवल हरे पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति देने की मांग की गई थी.
इससे पहले बुधवार को कोर्ट ने मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर तय करते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी थी.
अदालत ने तब राज्य के वकील को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस आयुक्तालय भुवनेश्वर और कटक से हरे पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति देने के निर्देश लेने का निर्देश दिया था.
अदालत ने कहा था कि इस मामले को शुक्रवार को लेना उचित होगा, क्योंकि इस समय इस मुद्दे पर रिट याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं.
23 अक्टूबर, 2018 के आदेश को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिकाएं दायर की गई थीं, जो सभी पारंपरिक पटाखों के उत्पादन पर प्रतिबंध लगाता है, लेकिन केवल ऐसे हरे पटाखों के निर्माण और बिक्री की अनुमति देता है, जो बिना शोर और कम धुएं का उत्सर्जन करते हैं.

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